स्मार्टफोन की लत से हो सकती है कई सारी बीमारियां
Post By : CN Rashtriya Webdesk   |  Posted On: 5 months ago  |  175

स्मार्टफोन की लत से हो सकती है कई सारी बीमारियां

बदलती लाइफस्टाइल में हर कोई अपने आप को अपडेटेड रखना चाहता है। खुद को अपडेट रखने का सबसे आसान जरिया है मोबाइल फ़ोन। आज के समय में हर किसी के पास मोबाइल फ़ोन है जो की बेहद जरुरी उपकरण भी है, लेकिन हम यह भूल गए है कि इसका ज्यादा इस्तेमाल करना हमारे लिए हानिकारक भी है।  हाल ही  में एक रिपोर्ट के अनुसार सामने आया है कि दुनियाभर में करीब एक तिहाई युवा स्मार्टफोन की लत का शिकार हैं। इसके चलते इन युवाओं में नींद से संबंधित समस्याएं सामने आ रहीं हैं, इसके साथ कई अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। 

दिन में न जाने कितनी बार अपने फोन का इस्तेमाल हैं, हम रोज़ाना सोशल मीडिया पर अपडेट देखते है, फोन पर मैसेज आते ही तुरंत फ़ोन को उठा लेते है या फिर कुछ न कुछ फ़ोन में देखते रहते है या पढ़ते रहते है।  ये सारी चीजें अगर आपके साथ हैं तो आपको फोन की लत लग गई है और ऐसा करने वाले आप अकेले नहीं हैं। दुनियाभर में करीब एक तिहाई युवा इस बीमारी का शिकार हैं। 

किंग्स कॉलेज लंदन द्वारा किए गए एक नए अध्ययन में इस बात का खुलासा किया गया है। शोधकर्ताओं ने 1,043 लोगों को इस अध्ययन में शामिल किया था। इन प्रतिभागियों की आयु सीमा 18 से 30 वर्ष के बीच की थी। इनमें से करीब एक तिहाई युवाओं ने स्मार्टफोन की लत के लक्षणों की सूचना दी है। इस दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि अध्ययन में शामिल 39 फीसदी प्रतिभागियों में अपने फोन को लेकर नियंत्रण खोने जैसे लक्षण दिखाई दिए है। 

लोगों की नींद खराब कर रहा फोन

शोधकर्ताओं ने पाया कि अध्ययन में शामिल प्रतिभागियों में तिहाई से अधिक लोगों को नींद ना आने की समस्या हो रही है। यूएस सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, ये समस्याएं उनके जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती हैं। जिन प्रतिभागियों ने मोबाइल फ़ोन के ज्यादा उपयोग की सूचना दी, उनमें कम नींद आने की समस्या पाई गई है। यह पूर्व के अध्ययनों के अनुरूप है जो रात में स्मार्टफोन के अतिरिक्त प्रयोग से कम नींद और दिन की थकान के साथ जोड़ते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि सोते समय फ़ोन का उपयोग करना सरकंडियन ताल की प्रणाली में बदलाव करती है। 

इस प्रकार होता है असर

अध्ययन करने वाले शोधकर्ताओं की टीम ने कहा कि फोन की लत को नोमोफोबिया भी कहा जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि कोई भी एलईडी स्पेक्ट्रम प्रकाश स्रोत मेलाटोनिन के स्तर को दबाने का काम करता है। मेलाटोनिन, दैनिक 24-घंटे की सर्कैडियन लय में स्रावित होता है, जिसे अक्सर स्लीप हार्मोन के रूप में जाना जाता है। इसके चरम स्तर का मतलब होता है कि हम रात के दौरान बेहतर सोते हैं।

ये उपाय करने से होगा फायदा 

-कुछ देर के लिए फ़ोन को बंद रखें

शोधकर्ताओं का कहना है कि दिन में कुछ देर के लिए फ़ोन को बंद रखें, जैसे जब किसी मीटिंग में भाग ले रहे हो तब, खाना खा रहे हो तब, और खास कर जब गाड़ी चला रहे हो तब। ऐसा करने से फ़ोन की लत को काम किया जा सकता है।  

-सोशल मीडिया का कम उपयोग करें

फ़ोन के बजाय लैपटॉप पर सोशल मीडिया जैसे फेसबुक और ट्विटर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे भी फ़ोन कम इस्तेमाल होगा।


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