वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद ही यात्रा करें लाेग ः स्वास्थ्य मंत्रालय
Post By : CN Rashtriya Webdesk   |  Posted On: 2 weeks ago  |  331

वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद ही यात्रा करें लाेग ः स्वास्थ्य मंत्रालय

नयी िदल्ली ः देशभर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले धीरे-धीरे कम हो रहे है वहीं दूसरी तरफ वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। इस बीच खबर आ रही है कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने यात्रा को लेकर दिशानिर्देश जारी किया है। जिसके तहत जो भी लोग यात्रा करें वो वैक्सीन की दोनों डोज लगवाकर ही करें। भविष्य में संक्रमण की लहरें आ सकती हैं। दरअसल, कुछ राज्यों में कोरोना के खिलाफ हाई लेवल पर इम्यूनिटी मिली है, जबकि कहीं पर यह बहुत नीचे है। जुलाई के पहले हफ्ते से कई राज्यों ने पाबंदियों में ढील देनी शुरू की है। इससे पर्यटन स्थल और मार्केट में भीड़ उमड़ रही है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। लोगों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने की जरूरत है। बता दें कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने यात्रा को लेकर गाइडलाइन जारी की है। 

  अभी ढिलाई नहीं 

सीरो-सर्वे में कोरोना के खिलाफ आशा की किरण दिखी है, लेकिन अभी किसी तरह की ढिलाई नहीं दी जा सकती है। 32 प्रतिशत लोग अब भी कोरोना से सुरक्षित नहीं हैं।

राज्य स्तर पर एक्शन जरूरी

राज्यों को स्थानीय सीरो-सर्वे जारी रखना चाहिए ताकि यह पता लगाया जा सके कि कोविड के खिलाफ आबादी का प्रतिशत कितना सुरक्षित है।

सभाओं से बचें

कई राज्यों ने सभाओं के लिए पाबंदियों में ढील दी है, लेकिन अभी इससे बचने की जरूरत है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सरकार ने हाल ही में कांवड़ यात्रा रद्द की है।

फुल वैक्सीनेशन के बाद करें यात्रा 

सरकार ने कहा कि फुल वैक्सीनेशन के बाद ही यात्रा करें। यानी कि वैक्सीन की दोनों डोज तय अंतराल के बाद ले चुके लोग ही यात्रा पर जाएं।

सीरो-सर्वे 

सीरो-सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार 6 से 9 वर्ष के 57.2 प्रतिशत और 10 से 17 वर्ष के 61.6 प्रतिशत बच्चों में एंटीबॉडी मिली। 18 से 44 वर्ष के 66.7 प्रतिशत, 45 से 60 वर्ष के 77.6 प्रतिशत, 60 वर्ष से ऊपर के 76.7 प्रतिशत में एंटीबॉडी मिली। 69.2 प्रतिशत महिलाओं और 65.8 प्रतिशत पुरुषों में कोविड के खिलाफ एंटीबॉडी मिली। शहरी इलाकों में रहने वाले 69.6 प्रतिशत और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले 66.7 प्रतिशत में एंटीबॉडी मौजूद है।

प्राइमरी स्कूल खोलें

सीरो-सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार एंटीबॉडी डेवलप करने वालों में बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं। स्कूल खोले जाने के सवाल पर ICMR के डायरेक्टर जनरल डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि स्कूल खोले जा सकते हैं, क्योंकि छोटे बच्चों में एडल्ट की तुलना में संक्रमण का खतरा कम है। उन्होंने सुझाव दिया कि शुरुआती दौर में प्राइमरी स्कूल खोलने चाहिए, इसके बाद सेकेंड्री स्कूल खोले जा सकते हैं। डॉ. भार्गव ने बताया कि एडल्ट्स की तुलना में छोटे बच्चे वायरस को बहुत आसानी से हैंडल करते हैं। छोटे बच्चों के फेफड़ों में वे रिसेप्टर्स कम होते हैं, जहां वायरस हमला करता है। इसके साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि अगर स्कूल खोले जाते हैं तो टीचर से लेकर सभी सपोर्ट स्टाफ पूरी तरह वैक्सीनेटेड होने चाहिए। साथ ही कोरोना के नियमों का पूरी तरह पालन होना चाहिए।

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