माचिस की तीलियों से बनाया जगन्नाथ प्रभु का रथ
Post By : CN Rashtriya Webdesk   |  Posted On: 2 months ago  |  354

माचिस की तीलियों से बनाया जगन्नाथ प्रभु का रथ

 पूर्वी भारत के ओडिशा राज्य में विश्व प्रसिद्ध वार्षिक रथ यात्रा 12 जुलाई को जगन्नाथ नगरी पुरी शहर में आयोजित की जाएगी। इससे पहले जगन्नाथ भगवान के भक्त उन्हें रिझाने के लिए आैर उनकी मनमोहक रथ यात्रा िनकालने के लिए अनोखे तरीके अपना रहे है। बता दें कि देवशयनी एकादशी यानि 20 जुलाई को रथ यात्र समाप्त होगी। भगवान जगन्नाथ की मुख्य लीला भूमि ओडिशा की पुरी है। ओडिशा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की काष्ठ यानी कि लकड़ियों की अर्धनिर्मित मूर्तियां स्थापित हैं। भगवान की जगन्नाथ रथयात्रा आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीय को जगन्नाथपुरी में आरंभ होती है। 

माचिस की तीली से बनायी रथ 

मिनिएचर आर्टिस्ट एल ईश्वर राव ने हुए माचिस की तीली से भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं माता सुभद्रा के तीन रथों काे बनाया है। ईश्वर राव भुवनेश्वर के खुर्दा जिले के जटनी गांव में अपने परिवार के साथ रहते हैं। चूंकि 12 जुलाई से जगन्नाथ रथ यात्रा आरंभ होने वाली है। इस खास मौके पर राव ने माचिस की तीली का इस्तेमाल कर महाप्रभु जगन्नाथ और उनके भाई बलभद्र एवं बहन माता सुभद्रा का रथ बनाया है। इस रथ की ऊंचाई 4.5 इंच है और इसे तैयार करने में 9 दिनों का समय लगा है। रथ में कुल 435 माचिस की तीली का इस्तेमाल किया गया है। प्रत्येक रथ में चार पहिए लगाए हैंं। रथ के चारों ओर कॉरिडोर के लिए रस्सी से घेरा बनाया गया है।

राव ने बताया कि रथ के अंदर विराजमान प्रभु जगन्नाथ, बालभद्र एवं माता सुभद्रा की मूर्तियों को पवित्र नीम की लकड़ी से बनाया गया है। इन सभी मूर्तियों की ऊंचाई 1 इंच है। सभी रथों के सामने एक छोटी से रस्सी बांधी गई है ताकि ये पूर्ण रूप से वास्तविक रथ दिखाई दे।


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