हैंड सैनिटाइजर का ज्यादा उपयोग हो सकता है जानलेवा
Post By : CN Rashtriya Webdesk   |  Posted On: 3 weeks ago  |  53

हैंड सैनिटाइजर का ज्यादा उपयोग हो सकता है जानलेवा

देशभर में गत वर्ष से कोरोना वायरस संक्रमण का प्रकोप जारी है वहीं दूसरी तरफ वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। कोरोना संक्रमण से सुरक्षा के लिए देशभर में लोग मास्क व हैंड सैनिटाइजर का उपयोग कर रहे है। इससे संबंधित खबर आ रही है कि सैनिटाइजर का आवश्यकता से अधिक उपयोग करना जानलेवा साबित हो सकता है। मेयो क्लीनिक के एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि सैनिटाइजर का अधिक उपयोग करते हैं आंखों की रोशनी जाने के साथ मौत भी हो सकती है। इसका सबसे अधिक खतरा बच्चों को है। सैनिटाइजर में मौजूद जहरीले केमिकल त्वचा के जरिए बच्चों के शरीर में पहुंच सकते हैं।

ये है वजह 

हैंड सैनिटाइजर में तीन प्रकार के अल्कोहल उपयोग किए जाते हैं। इनमें से एक है, मेथेनॉल। इसका ज्यादा उपयोग करने पर आंखों की रोशनी हमेशा के लिए जा सकती है या मौत भी हो सकती है। अमेरिका में मेथेनॉल वाले हैंड सैनिटाइजर निर्माण पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। मेथेनॉल के स्थान पर एथेनॉल और आइसोप्रोपेनॉल को सुरक्षित विकल्प माना गया है। वहीं, कई देशों में उपयोग हो रहे सैनिटाइजर में मेथेनॉल मौजूद है। बच्चों की त्वचा के जरिए मेथेनॉल शरीर में पहुंचकर बहुत दिन तक सेहत पर खराब असर डालता है। डॉक्टर्स का कहना है, हैंड सैनेटाइजर का उपयोग तभी करें जब वास्तव में इसकी आवश्यकता हो। इसे प्रतिदिन उपयोग करने के स्थान पर कभी-कभार उपयोग करें वो भी कम मात्रा में।

यहां आए चौंकाने वाले मामले

मेयो क्लीनिक के संक्रमक रोग विशेषज्ञ डॉ. ग्रेगोरी पोलैंड के अनुसार बच्चे सैनिटाइजर का ज्यादा उपयोग करते हैं तो उनकी स्किन मेथेनॉल को शोषित कर लेती है। अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी सीडीसी को गत साल मेक्सिको और एरिजोना में मेथेनॉल पॉइजनिंग के 15 मामले मिले थे। इन सभी मामलों में हैंड सैनिटाइजर का अधिक उपयोग किया गया था। 15 मामलों में से 4 की मौत हो गई थी। 3 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई थी। विशेषज्ञ कहते हैं, हैंड सैनिटाइजर के ज्यादा उपयोग से बचें।

एेसे शरीर में पहुंचता है

ब्रिघम एंड वुमेन्स हॉस्पिटल के डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. अबिगैल वॉल्डमैन का कहना है, हमारी स्किन ईटों की दीवार की तरह है। हैंड सैनिटाइजर हमें वायरस से बचाता है, लेकिन कई बार ये उसी ईटों की दीवार में सुराग कर देता है। इस तरह यह शरीर में पहुंचता है। अल्कोहल की मात्रा अधिक होने के कारण यह स्किन एलर्जी की वजह भी बन सकता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सैनिटाइजर का ज्यादा उपयोग करने पर बैक्टीरिया रेसिस्टेंस विकसित कर लेती है, नतीजा, ये उन पर बेअसर साबित होता है। अगर आप घर या बाथरूम में हैं तो हैंड सैनिटाइजर की जगह साबुन-पानी से हाथ धोएं। साबुन हाथों से चिपचिपापन खत्म करता है, इसलिए वायरस स्किन पर नहीं टिक पाता।

बढ़ रहा सैनेटाइजर का उपयोग

महामारी की शुरुआत से ही अमेरिका में लोगों ने हैंड सैनेटाइजर काफी मात्रा में खरीदा। बॉस्टन ग्लोब की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल हैंड सैनेटाइजर की बिक्री 620 गुना तक बढ़ी। अमेरिका में हैंड सेनेटाइजर के सबसे बड़े ब्रांड प्यूरेल ने इसकी मांग को पूरा करने के लिए प्रोडक्शन कैपेसिटी को बढ़ाया। महामारी के दौरान कई जगहों पर सैनेटाइजर की कमी हुई तो लोगों ने ऑनलाइन ऑर्डर किए।

वीडियो