चीन Billionaires को जबरदस्ती बना रहा दानवीर, कर रहा दान करने को मजबूर
Post By : CN Rashtriya Webdesk   |  Posted On: 2 weeks ago  |  185

चीन  Billionaires को जबरदस्ती बना रहा दानवीर, कर रहा दान करने को मजबूर

बीजिंग: चीन के अरबपति अचानक से दानवीर बन गए हैं। वह अलग-अलग कार्यों के लिए डोनेशन दे रहे हैं। हाल ही में टिकटॉक की पैरेंट कंपनी बाइटडांस के संस्थापक झांग यिमिंग (Zhang Yiming) ने फुजियान प्रांत के अपने गृहनगर लोंगयान को शिक्षा के लिए लगभग 7.70 करोड़ डॉलर दिए थे। इस लिस्ट में यिमिंग के अलावा कई दूसरे बड़े नाम भी शामिल हैं। हालांकि, अरबपतियों के परोपकारी बनने की इस कहानी की स्क्रिप्ट चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) की सरकार ने लिखी है।

जबरन बना रही परोपकारी 

अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, चीन की सरकार अरबपतियों को जबरन परोपकारी बना रही है। उन पर दान करने या महंगे उपहार देने के लिए दबाव डाला जा रहा है। इसके पीछे सरकार की मंशा आर्थिक असमानता की खाई को पाटना है, क्योंकि देश में अरबपतियों की संख्या में पिछले कुछ वक्त में बहुत तेजी से इजाफा हुआ है। कम्युनिस्ट सरकार देश में अमीरी और गरीबी की खाई को कम करने के लिए अरबपतियों को दानवीर बनाने में जुटी है। 

2.70 अरब डॉलर का दान 

जानकारी के अनुसार दान देने का सिलसिला कुछ महीने पहले शुरू  हुआ है। खाद्य वितरण की दिग्गज कंपनी मीटुआन के अध्यक्ष और संस्थापक वांग जिंग ने वैज्ञानिक अनुसंधान और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लगभग 2.70 अरब डॉलर का दान दिया। इसके अलावा ई-कॉमर्स के दिग्गज पिंडुओडुओ के संस्थापक कॉलिन हुआंग  ने कंपनी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद एक शैक्षिक कोष में लगभग 1.85 अरब डॉलर का दान दिया था। 

आर्थिक असमानता का खतरा 

इस साल की शुरुआत में मीडिया घरेलू उपकरणों के दिग्ग्ज केहे जियांगजियान और एवरग्रांडे रियल एस्टेट के जू जियान ने गरीबी उन्मूलन, चिकित्सा देखभाल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए क्रमशः 97 करोड़ डॉलर और 37 करोड़ डॉलर से अधिक का दान दिया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी आर्थिक असमानता को अपने लिए खतरे के रूप में देख रही है। इसलिए वह जबरन अरबपतियों को दान देने को मजबूर कर रही है, ताकि उनकी दौलत को कुछ कम किया जा सके।  

आय में असमानता को लेकर िचंता

ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर टॉम क्लिफ के अनुसार, चीनी राजनेताओं को सबसे बड़ी चिंता आय में असमानता को लेकर है। शायद इस वजह से सरकार को इस तरह के कदम उठाने पड़ रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि अरबपतियों को वास्तव में लोगों की चिंता है, वह केवल सरकार के दबाव में दानवीर बन रहे हैंं।

ं’ चीन पर नजर रखने वाले दूसरे जानकारों का भी यही मानना है कि सरकार की सख्ती के चलते अरबपति डोनेशन दे रहे हैं।

जैकमा के चलते सख्त हुई CPC

इस साल की शुरुआत में जारी हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट-2021 के आंकड़े बताते हैं कि चीन में 1,058 से अधिक लोग अरबपति है। इस हिसाब से चीन में अब पृथ्वी पर किसी भी अन्य देश की तुलना में सबसे अधिक धनवान लोग रहते हैं। इस मामले में उसने पूंजीवादी देश अमेरिका को भी पछाड़ दिया है। अलीबाबा के सह-संस्थापक और पूर्व सीईओ जैक मा के पिछले साल सरकार विरोधी बयान के बाद से अरबपति सीपीसी के निशाने पर आ गए हैं।

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