खाताधरक को बैंक डूबने पर 5 लाख रुपये तक 90 दिन में म‍िलेंगे वापस
Post By : CN Rashtriya Webdesk   |  Posted On: 2 months ago  |  93

खाताधरक को बैंक डूबने पर 5 लाख रुपये तक 90 दिन में म‍िलेंगे  वापस

नयी दिल्‍ली : देशभर में कोरोना का प्रकोप धीरे धीरे कम हो रहा है वहीं दूसरी तरफ वैक्‍सीनेशन अभ‍ियान गत‍ि ल‍िये हुए है। इस बीच खबर आ रही है क‍ि अगर क‍िसी कारण वश बैंक डूब जाता है तो 90 दिन के भीतर जमाकर्ताओं को पांच लाख रुपये तक की रकम वापस मिल जाएगी। खबर के अनुसार र‍िजर्व बैंक ऑफ इंड‍िया (आरबीआई) द्वारा अब किसी बैंक पर मोरेटोरियम लगाए जाने के 90 दिन के भीतर उस बैंक के जमाकर्ताओं को पांच लाख रुपये तक की जमा राशि वापस मिल जाएगी। केंद्रीय कैबिनेट ने इसके लिए DICGC Act में संशोधन के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दे दी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) एक्ट, 1961 में संशोधन का एलान किया था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कैबिनेट की मीटिंग में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि इससे संबंधित विधेयको को संसद के मॉनसून सत्र में लाए जाने की संभावना है। इस विधेयक के कानून बन जाने के बाद विभिन्न बैंकों के हजारों जमाकर्ताओं को फौरी राहत मिलेगी।

 

 अनुराग ठाकुर

केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा, ''आरबीआई अगर किसी बैंक पर मोरेटोरियम लगाती है तो लोगों को पैसे वापस पाने में किसी तरह की दिक्कत ना हो, इसके लिए डिपॉजिट इंश्योरेंस क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन का गठन किया गया था। आज कैबिनेट की बैठक में यह फैसला किया गया कि 90 दिन के भीतर जमाकर्ताओं को पांच लाख रुपये तक की रकम वापस मिल जाएगी।''

 क्‍या है यह

केंद्र सरकार ने गत वर्ष बैंक खाते में जमा रूपये पर इंश्योरेंस कवर को पांच गुना करते हुए पांच लाख रुपये कर दिया था। केंद्र सरकार ने पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव (PMC) Bank के ग्राहकों को मदद देने के लिए इंश्योरेंस कवर में बढोत्तरी की थी। वर्तमान प्रावधानों के अनुसार किसी भी बैंक का लाइसेंस खत्‍म होने के बाद और लिक्विडेशन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद पांच लाख रुपये तक की जमा राशि जमाकर्ताओं को वापस की जाती है। भारतीय रिजर्व बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी DICGC बैंक डिपॉजिट्स पर इंश्योरेंस कवर उपलब्ध कराती है।



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